कभी ये सब भी ब्लॉग लिखते थे आज नहीं लिख रहे हैं.याद फिर भी हैं ये हमारे अपने .

नन्हा ब्लॉगर आदित्य

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नन्हा ब्लॉगर आदित्य 


8 comments:

  1. वो ईश्वर को ज्यादा प्रिय था सो उसका हुआ ! अशेष स्नेह !

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  2. नियति की गति कोई नहीं जान पाया है।

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  3. jab-jab jo jo hona hai tab tab so-so hota hai magar yh kab aur kaise hua ....?

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  4. नन्हा फरिश्ता...

    विनम्र श्रद्धांजलि

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  5. ओह ! क्या कह सकते हैं , नियति के आगे | सितारा बन चमकता रहे आकाश में |

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  6. ओह मैं तो अभी देख पाया

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